Tuesday, 5 July 2016

यह अकेला ऐसा धर्म है जो अपने ही मानने वाले को नीच बताता ह

अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं कि दुनिया में इतने धर्म हैं, लेकिन मैं सिर्फ ब्राह्मण धर्म की आलोचना क्यों करता हूं.
सही सवाल है.
धर्म दुनिया में हिंसा की सबसे बड़ी वजह है. हिंसा से कोई धर्म परे नहीं है. कोई भी बेदाग नहीं है इस मामले में.
फिर मेरी आलोचना सिर्फ ब्राह्मण धर्म को लेकर क्यों?
ऐसा इसलिए कि यह अकेला ऐसा धर्म है जो अपने ही मानने वाले को नीच बताता है. किसी को सिर और ज्यादातर को पैर से पैदा बताता है. स्त्रियों और शूद्रों को पशुओं के साथ ताड़न का अधिकारी बताता है.
वरना तो हर धर्म, दूसरे धर्म से नफरत करना सिखा रहा है.
भेदभाव हर जगह है, लेकिन सिर्फ ब्राह्मण धर्म की किताबें अपने धर्म के लोगों से नफरत करना सिखाती है.
बाबा साहेब ने एनिहिलेशन ऑफ कास्ट में साफ लिखा है कि ये बीमार लोग हैं. यह किताब जरूर पढ़नी चाहिए.
लेखक: दिलीप मण्डल, पूर्व पत्रकार, इण्डिया टुडे

No comments

Post a Comment